सर्दियों में अक्सर हम सभी ने महसूस किया होगा कि बाहर जाते ही हाथ-पैर जम जाते हैं, उंगलियाँ सुन्न हो जाती हैं, जैसे उनमें जान ही नहीं बची। कई बार हाथों में झनझनाहट, चुभन या नीला पड़ना भी देखने को मिलता है।
यह सिर्फ ठंड की वजह से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे शरीर की एक खास रक्षा प्रणाली काम करती है।
इस आर्टिकल में हम बिलकुल आसान भाषा में समझेंगे—
ठंड में हाथ-पैर सुन्न क्यों हो जाते हैं? (Main Reason)
जब तापमान बहुत कम हो जाता है, तो हमारा शरीर हीट को बचाने की कोशिश करता है।
शरीर सबसे पहले दिल, दिमाग और फेफड़े जैसे महत्वपूर्ण अंगों को बचाना चाहता है।

इसके लिए शरीर निम्न काम करता है:
1. ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं (Vasoconstriction)
ठंड में शरीर त्वचा और हाथ-पैर जैसे कम ज़रूरी हिस्सों में खून का प्रवाह कम कर देता है।
इससे गर्मी बाहर नहीं निकलती और शरीर का तापमान स्थिर रहता है।
परिणाम:
➡ हाथ-पैरों में खून कम पहुँचता है
➡ तापमान गिर जाता है
➡ उंगलियाँ सुन्न और कठोर हो जाती हैं
2. नर्व सिग्नल स्लो हो जाते हैं
नर्व (तंत्रिका कोशिकाएँ) ठंड में तेजी से काम नहीं करतीं।
इसलिए हाथ-पैरों में महसूस करने की क्षमता घट जाती है।
परिणाम:
➡ सुन्नपन
➡ झुनझुनी
➡ Sensation का कम होना
3. मांसपेशियों का तापमान घट जाता है
ठंड हाथ-पैरों की मांसपेशियों को धीमा कर देती है, जिससे उनमें stiffness होने लगता है।
परिणाम:
➡ उंगलियों का मुड़ना मुश्किल
➡ ग्रिप कमज़ोर
➡ चलने में तकलीफ
4. Raynaud’s Phenomenon जैसी स्थिति
कई लोगों में ठंड के कारण उंगलियाँ अचानक सफेद या नीली पड़ जाती हैं।
इसे रेनॉड्स फिनोमेनन कहते हैं।
इसमें ब्लड फ्लो बहुत कम हो जाता है और व्यक्ति को तेज़ सुन्नपन और दर्द होता है।
क्या हाथ-पैर सुन्न होना सामान्य है?
हाँ, हल्का सुन्न होना ठंड में सामान्य माना जाता है, क्योंकि यह शरीर की सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा है।
लेकिन अगर…
- उंगलियाँ सफेद/नीली पड़ें
- दर्द हो
- सुन्नपन बहुत देर तक रहे
- बार-बार हो
- हल्की ठंड में भी ऐसा हो
तो यह सामान्य नहीं माना जाता।
संभवतः ब्लड सर्कुलेशन की कमी, विटामिन की कमी, या नर्व से जुड़ी समस्या हो सकती है।
ठंड में हाथ-पैर सुन्न होने के प्रमुख कारण (Detailed List)
1. Low Blood Circulation (कम रक्त संचार)
जिन लोगों में पहले से ही रक्त प्रवाह कम होता है, उन्हें ठंड अधिक प्रभावित करती है।
2. Vitamin B12 की कमी
नर्व को मजबूत रखने वाला विटामिन B12 कम होने पर सुन्नपन जल्दी होता है।
लक्षण:
- पैरों में झनझनाहट
- हाथों में चुभन
- कमजोरी
3. Thyroid (Hypothyroidism)
थायरॉइड कम होने पर शरीर का तापमान सामान्य से कम हो जाता है।
ऐसे लोग ठंड ज़्यादा महसूस करते हैं और उनके हाथ-पैर जल्दी सुन्न होते हैं।
4. Diabetes (Neuropathy)
शुगर बढ़ने पर नर्व कमजोर हो जाती हैं, जिससे ठंड में सुन्नपन और तेज महसूस होता है।
5. Smoking
स्मोकिंग से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं।
इसलिए धूम्रपान करने वालों के हाथ-पैर ज्यादा सुन्न होते हैं।
6. तनाव और चिंता (Stress)
स्ट्रेस की हालत में शरीर की वेसल्स और तेजी से सिकुड़ जाती हैं।
7. Dehydration (सर्दियों में पानी कम पीना)
ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन पानी कम पीने से ब्लड गाढ़ा हो जाता है, जिससे सर्कुलेशन धीमा हो जाता है।
ठंड में हाथ-पैर सुन्न होने के लक्षण (Symptoms)
- उंगलियों में सुन्नपन
- झुनझुनी या चुभन
- उंगलियों का सफेद या नीला पड़ना
- हाथ-पैर ठंडे लगना
- पकड़ कमजोर होना
- चलने में असहजता
- हल्का दर्द या जलन
अगर उंगलियाँ सफेद → नीली → लाल हों तो यह Raynaud’s का संकेत हो सकता है।
ठंड में हाथ-पैर सुन्न होने से क्या खतरे हैं?
1. Frostbite का खतरा
अगर बहुत ठंड में हाथ-पैर लंबे समय तक सुन्न बने रहें, तो Frostbite का खतरा बढ़ जाता है।
2. नर्व डैमेज
लगातार सुन्नपन नर्व के कमजोर होने की निशानी हो सकता है।
3. गिरने या चोट का डर
पैर सुन्न होने के कारण चलने में दिक्कत होती है।
ठंड में हाथ-पैर सुन्न होने से बचने के उपाय
1. लेयर वाले कपड़े पहनें
हाथों में gloves, पैरों में woolen socks जरूर पहनें।
2. गुनगुने पानी से सिकाई करें
दिन में 2–3 बार हल्की गर्म सिकाई करने से ब्लड फ्लो बढ़ता है।
3. हल्की एक्सरसाइज करें
- हाथों को घुमाएँ
- उंगलियाँ खोल-बंद करें
- पैरों को हिलाएँ
यह ब्लड सर्कुलेशन को तुरंत बढ़ाता है।
4. हाथ-पैर को सूखा रखें
नमी ठंड को और बढ़ाती है।
5. शरीर को हाइड्रेट रखें
सर्दियों में भी पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
6. विटामिन B12 और आयरन का सेवन
ये नर्व और ब्लड फ्लो को सुधारते हैं।
खाएँ:
- अंडा
- दूध
- दही
- पनीर
- दालें
- हरी सब्जियाँ
7. धूम्रपान बंद करें
स्मोकिंग ब्लड सर्कुलेशन को कम करती है।
8. Coarse Massage (हल्की मालिश)
सरसों, नारियल या जैतून के तेल से मालिश गर्मी पैदा करती है।
9. Feet Warmers या Hot Water Bag का उपयोग
बहुत ठंड में काम करने वालों के लिए काफी उपयोगी।
कब यह समस्या गंभीर है? (Doctor को कब दिखाएँ)
- उंगलियाँ बार-बार सफेद/नीली पड़ें
- सुन्नपन 15–20 मिनट से ज्यादा रहे
- दर्द, जलन, या कमजोरी बने रहे
- गर्म करने पर भी सुधार न हो
- शुगर, थायरॉइड या BP का मरीज हो
- चलने में दिक्कत आने लगे
ये संकेत शरीर में गहरी समस्या का संकेत हो सकते हैं।
घरेलू उपाय (Home Remedies)
1. अदरक की चाय
अदरक शरीर में गर्मी पैदा करता है और ब्लड फ्लो बढ़ाता है।
2. हल्दी वाला दूध
सूजन और पेन कम करता है।
3. गरम पानी में नमक डालकर पैर डुबाना
मांसपेशियाँ रिलैक्स होती हैं और सर्कुलेशन बेहतर होता है।
4. गुनगुने तेल से मसाज
सरसों का तेल सर्दियों के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
क्या ठंड में हाथ-पैर सुन्न होना हमेशा सिर्फ ठंड की वजह से होता है?
नहीं! अगर हल्की ठंड में भी सुन्नपन हो रहा है, तो यह नीचे कारणों से भी हो सकता है:
- डायबिटीज
- थायरॉइड
- विटामिन B12 की कमी
- नर्व की बीमारी (Neuropathy)
- Raynaud’s Syndrome
ऐसे में जांच कराना जरूरी है।
FAQ – ठंड में हाथ-पैर सुन्न क्यों होते हैं?
Q1. क्या ठंड में हाथ-पैर का सुन्न होना सामान्य है?
हाँ, सामान्य तापमान में हल्का सुन्न होना सामान्य है, लेकिन लगातार या ज्यादा सुन्न होना समस्या का संकेत है।
Q2. क्या गर्म पानी से सिकाई करने से सुन्नपन ठीक हो जाता है?
हाँ, यह सबसे आसान और असरदार उपाय है।
Q3. किन लोगों को ज्यादा समस्या होती है?
- डायबिटिक
- थायरॉइड मरीज
- स्मोकिंग करने वाले
- जिनमें B12 की कमी हो
Q4. क्या यह दिल या BP की बीमारी का संकेत हो सकता है?
कभी-कभी हाँ।
लो ब्लड प्रेशर और खराब सर्कुलेशन भी वजह हो सकता है।
Q5. क्या बच्चो में भी हाथ-पैर सुन्न हो सकते हैं?
बच्चों में ज्यादा ठंड लगने पर ऐसा होता है, लेकिन सुधार जल्दी हो जाता है।
Q6. घर पर इसका इलाज क्या है?
गर्म सिकाई, मसाज, एक्सरसाइज और पानी पीना सबसे जरूरी है।